क्या आपने कभी सोचा है आपकी आत्मनिर्भरता में कितना विदेशी निवेश है??
कुछ उदाहरण से समझते है। आप फ्लिपकार्ट यूज करते होंगे। एक भारतीय कंपनी है जिसका 77% अब वॉलमार्ट के पास है। वॉलमार्ट एक अमेरिकन कंपनी है, तो अगर आप फ्लिपकार्ट से खरीदारी एक इंडियन ऐप समझ कर करते है तो सच्चाई ये है कि आपकी आत्मनिर्भरता में 77% विदेशी निवेश हो चुका है।

एक और उदाहरण रिलायंस जियो का है मुकेश अंबानी की कंपनी है, सस्ता डाटा प्रोवाइड करती है काफी पॉपुलर है और भारत का एक बहुत बड़ा मार्केट कवर कर चुकी है। रिलायंस में करीब 20% तक का विदेशी निवेश हो चुका है जिसमें करीब 10% फेसबुक बाकी अन्य देशों की कंपनियों ने निवेश किया है। संभावना है कि जियो को अमरीकी शेयर मार्केट में लिस्टेड किया जा सकता है। इसी तरह भारती एयरटेल में करीब 45% का विदेशी निवेश है और सरकार की तरफ से 100% विदेशी निवेश की अनुमति दी जा चुकी है। इसी तरह वोडाफोन आइडिया विदेशी निवेश से चल रही है। अटकलें है कि अमेज़न आने वाले समय में एयरटेल में और गूगल वोडाफोन-आइडिया में निवेश कर सकती है।

ऐसे समय में सस्ते डाटा का मोह छोड़कर क्या आप बीएसएनएल पर शिफ्ट हो पाएंगे?? ये भी संभव है कि स्वदेशी कंपनी अपनाने के बाद भी आपकी आत्मनिर्भरता में विदेशी निवेश हो जाए।